“मोतईनाई” अभियान में मुनि स्कूल का योगदान पूरे विश्व के लिए होगा उदाहरण : तादाहिको इतो
गांधी जयंती पर मुनि इंटरनेशनल स्कूल पहुंचे पर्यावरण राज्य मंत्री तादाहिको इतो

नई दिल्ली –  भारत और जापान के संबंध काफी सौहार्दपूर्ण रहे हैं। यही कारण है कि आज जापान भारत के साथ मिल कर राजनैतिक स्तर पर ही नहीं अपितु शैक्षणिक व समाजिक स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। दोनों देशों के संबंधों को और मधुर बनाने के उद्देश्य से जापान के पर्यावरण राज्य मंत्री तादाहिको इतो 2 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर उत्तम नगर (मोहन गार्डन) स्थित मुनि इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों के बीच पहुंचे। जहां स्कूल संस्थापक डॉ. अशोक कुमार ठाकुर द्वारा मंत्री का पारंपरिक रूप से स्वागत किया।  वहीं इसके बाद सभागार में आयोजित खास कार्यक्रम के दौरान स्कूली छात्रों द्वारा लघुनाटिका के माध्यम से “मोतईनाई” गतिविधियों को समझाते हुए सब का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए जापानी मंत्री तादाहिको ने कहा कि आज दुनिया के तमाम देश बिगड़ते पर्यावरण से चिंतित हैं। यदि हम बच्चों के माध्यम से “मोतईनाई” और“स्वच्छ भारत” जैसे अभियानों को सफल बनाने का प्रयास जारी रखें तो संसार में बिगड़ते पर्यावरण को संभाला जा सकता है। गांधी जयंती पर महात्मा गांधी को याद करते हुए मंत्री ने कहा कि शांति के दूत महात्मा गांधी ने भी आजादी से ज्यादा स्वच्छता को जरूरी माना था,क्योंकि स्वच्छता के बिना आजादी अधूरी है।
पर्यावरण मंत्री ने मुनि स्कूल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. अशोक कुमार ठाकुर की दूरगामी सोच का ही परिणाम है कि आज हमें यहां आने का अवसर मिला, क्योंकि श्री ठाकुर के स्कूल में शिक्षा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों पर अधिक ध्यान दिया जाता है। साथ ही मंत्री महोदय ने कहा कि “मोतईनाई” अभियान में मुनि स्कूल का योगदान दोनों देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे संसार के लिए उदाहरण होगा।
मुनि इंटरनेशनल स्कूल संस्थापक डॉ. अशोक कुमार ठाकुर ने कहा कि भारत और जापान का रिश्ता काफी मधुर है, जिसे मजबूत बने रखने में हम सदैव प्रयासरत रहेंगे। श्री  ठाकुर ने जापान के मंत्री तादाहिको को विश्वास दिलाया कि जिस प्रकार उन्होंने मुनि स्कूल के प्रति अपना प्रेम और विश्वास दिखाया है उसे हम कम नहीं होने देंगे। भारत के “स्वच्छ भारत” अभियान की भांति “मोतईनाई” अभियान को भी हम जन-जन तक पहुंचा कर प्राकृति संसाधनों के संरक्षण में योगदान करेंगे।
जापान ने दिल्ली के मुनि इंटरनेशनल स्कूल को 2012 से भारत में अपने पार्टनर स्कूल के रूप चुना हुआ है। वहीं यू.एस.ए. के अशोका फाउंडेशन द्वारा भी मुनि स्कूल को चेंजमेकर स्कूल के रूप में प्रमाणित किया जा चुका हैं।
सूरत स्थित मुनि स्कूल प्रमुख घनश्याम दास पटेल ने बताया कि जापान का “मोतईनाई” भारत के “स्वच्छ भारत” अभियान की भांति प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सफल जागरूकता अभियान है। जापानी में “मोतईनाई” का अर्थ होता है “ये बर्बादी और नहीं”। इस अभियान से बेवजह खराब किए जाने वाले प्राकृतिक संसाधनों के उचित प्रयोग के बारे में छोटे बच्चों को जानकारी दी जाती है, ताकि वो अपने जीवन में किसी भी वस्तु या पदार्थ की बर्बादी को रोकने आदत बनाए। श्री पटेल ने कहाकि वो “मोतईनाई” अभियान को गुजरात में भी शुरू करेंगे।

इस खास मौके पर मुनि स्कूल से संबंधित अन्य राज्यों गुजरात, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, यू.पी. की विभिन्न ब्रांचों से आए प्रतिनिधियों ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की और जापान के मंत्री  तादाहिको से मुलाकात कर उन्हें अपने-अपने संस्थान की तरफ से कुछ खास स्मृतियां भेंट की।
गौरतलहब है कि बीते माह भारत में रह रहे जापान के एंबेस्डर ने भी मुनि स्कूल के छात्रों से मुलाकात की और स्कूली बच्चों के लिए “मोतईनाई” की हजार से अधिक पुस्तकें उपहार स्वरूप भेंट की थी। इस दौरान उन्होंने स्कूल गतिविधियों व यहां की शिक्षण-प्रशिण पद्ति को भी गहनता से समझा।

“मोतईनाई” विषय पर जापान में एक पुस्तक भी प्रकाशित की गई है, जिसमें बड़े-बड़े चित्रों के माध्यम से दादी मां के द्वारा छोटे बच्चों को “मोतईनाई” के बारे में सिखाया जाता है कि वो खाने को बेकार न करें, जितनी जरूरत हो उतना ही लें, वस्तुओं को बिना वजह इधर-उधर न फेंके। इसके अलावा कूड़े-कचरे को कूड़ेदान में ही डालें, बिजली के उपकरणों का जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करें आदि-आदि बातों को सिखाया जाता है।
बीते माह भारत में रह रहे जापान के एंबेस्डर ने भी मुनि स्कूल के छात्रों से मुलाकात की और स्कूली बच्चों के लिए “मोतईनाई” की हजार से अधिक पुस्तकें उपहार स्वरूप भेंट की थी। इस दौरान उन्होंने स्कूल गतिविधियों व यहां की शिक्षण-प्रशिण पद्ति को भी गहनता से समझा।

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