नई दिल्ली- मध्य प्रदेश के झाबुआ क्षेत्र में आदिवासियों के उत्थान कार्यों में लगे विख्यात आदिवासी नेता व समाज सेवक महेश शर्मा (पद्मश्री) व रूड़की आईआईटी के प्रो. डॉ. अनिल कुमार गौरीशेट्टी ने अपने साथियों सहित दिल्ली के मोहन गार्डन स्थित मुनि इंटरनेशनल स्कूल की विजिट की।
इस विजिट का मुख्य उद्देश्य मुनि स्कूल की शिक्षण प्रणाली को समझ कर यह जानना था कि आदिवासी क्षेत्र के युवाओं के लिए बेहतर शिक्षा के दरवाजे किस प्रकार खोले जाए ताकि आदिवासी क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों को भी मुनि स्कूल जैसी बेहतरीन शिक्षा मिल सके। महेश शर्मा ने कहाकि मुनि का शिक्षा मॉडल देख कर बहुत कुछ जानने को मिला, मुझे लगता है कि मुनि स्कूल का शिक्षा मॉडल आदिवासी युवाओं के लिए चहुंमुखी विकास के दरवाजे खोल सकता है।
स्कूल की शिक्षण-प्रशिक्षण प्रणाली को जानने-समझने के लिए महेश शर्मा के साथ आए रूड़की आईआईटी के प्रो. डॉ. अनिल कुमार गौरीशेट्टी व अन्य साथियों ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर छात्रों से मुलाकात की ओर अध्यापकों से भी विभिन्न प्रकार की जानकारियां ली।
डॉ. अनिल कुमार गौरीशेट्टी ने माना कि जिस प्रकार मुनि स्कूल अपने छात्रों को शिक्षा के साथ स्किल देने का कार्यकर रहा है वो काफी सराहनीय है। क्योंकि मौजुदा वक्त में छात्रों के लिए मुनि स्कूल की शिक्षण-प्रणाली काफी कारगर साबित होगी। इस मॉडल को देश के अन्य शिक्षण संस्थानों में भी अपनाए जाने की जरूरत है। स्कूल संस्थापक डॉ. अशोक कुमार ठाकुर द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए गए नवाचारों को भी जाना।
इससे पूर्व, स्कूल पहूंचने पर स्कूल में विजिट पर आए सभी अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया।

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