नई दिल्ली – सुभाष नगर 9 ब्लॉक के निगम स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों ने स्कूल में आई अपनी माताओं का स्वागत कर उनसे आशीर्वाद लिया। छात्रों की इस पहल को देख माताएं काफी खुश थी, वहीं कुछ माताओं की तो खुशी से आंखें भर आई।
स्कूल में शुरू की जाने वाली इस गतिविधि के बारे में बताते हुए एकलव्य सोसायटी की इंचार्ज स्वाती वाजपेयी ने बताया कि इस निगम स्कूल को सोसायटी ने गोद लिया है और हमारा लक्ष्य छात्रों को बेहतर शिक्षा के साथ संस्कार देना भी ताकि वो छात्र समाज में अपना योगदान दें।
इस परंपरा की शुरूआत करने का मुख्य कारण छात्रों में अभिभावकों के प्रति पनपते गुस्से को कम करना और उन्हें इस बात का अहसास कराना कि माता-पिता के बिना इस संसार में उनका कोई वजूद नहीं है। क्योंकि पिता उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए मेहनत करके धन कमाते हैं और माताएं बच्चों के लिए खाना पकाने , कपङे धोने जैसे सभी काम करके उनको स्कूल भेजती हैं। यदि माता-पिता अपने बच्चों के लिए ये सब काम करना छोङ दें तो क्या छात्र स्कूल में शिक्षा ले सकेंगे।
स्वाती के अनुसार इस प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से छात्रों में शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश धीरे-धीरे स्वतः ही हो जाता है। जो बच्चा संस्कारों के साथ चलेगा वो माता-पिता अध्यापकों का आदर करेगा। परिमणाम स्वरूप छात्रों बढ़ती नकारात्मक सोच कम होगी और समाज में सकारात्मक माहौल बनेगा।
इस मौके पर काउंस्लिंग के लिए स्कूल आई माताओं को शिक्षकों ने समझाया कि वो छात्रों को डांटने की बजाय उनके साथ दोस्ताना व्यवहार करें, उन्हें प्यार से समझाने का प्रयास करें, क्योंकि पीटने और हर वक्त डॉटने से बच्चा जिद्दी व झगङालू बन जाएगा और अपने बाल मन में माता-पिता के प्रति की नफरत बना लेगा। इसी नफरत के कारण बच्चा किसी न किसी दिन आक्रामक होगा और अपने ही माता-पिता के खिलाफ साजिसें रच कर किसी भी गंभीर गतिविधि को अंजाम दे सकता है।
इन तमाम मुद्दों पर बाते करते हुए छात्रों की माताओं से अपील की गई कि वो इन बातों पर अपने घरों व परिचितों से भी चर्चा करें और घरों मे भी छात्रों को सकारात्मक माहौल दें। ताकि वो बेहतर शिक्षा ग्रहण करने के लिए हर समय खुशी-खुशी तैयार रहें, किसी प्रकार का मानसिक दाबाव न माने। (राजेश शर्मा)

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