शिक्षा के क्षेत्र में विदेशों तक नाम कमा चुके देश के विख्यात मुनि इंटरनेशनल स्कूल ने महाराष्ट्र के पालघर जिले के विक्रमगढ़ से भारत विकास संगम के साथ मिलकर मुनि अभियान की शुरूआत की।
मुनि इंटरनेशनल स्कूल अब भारत विकास संगम के साथ मिल कर आदिवासी क्षेत्र के छात्रों को भी अपनी शिक्षण-प्रशिक्षण पद्धति आधारित शिक्षा देने के लिए अग्रसर हुआ है।
इस अभियान के तहत भारत विकास संगम के साथ मिल कर विक्रमगढ़ में 16 से 25 नवंबर के बीच जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
इस प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से जिला स्तरीय अध्यापकों को प्रशिक्षित करने की शुरूआत की गई। शिविर में 40 से अधिक प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।
शिविर के दौरान प्रशिक्षण देने के लिए पहुंचे मुनि इंटरनेशनल स्कूल, दिल्ली में नियंत्रण केंद्र अधिकारी अरूण कुमार नायर ने आदिवासी युवकों (ट्रैनियों) को स्कूल मैथॉलॉजी आधारित विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि आज सभी शिक्षण संस्थान केवल किताबी ज्ञान पर जोर देते हैं। लेकिन मुनि स्कूल स्किल, नैतिक मूल्यों और टैकनॉलोजी अधारित शिक्षा पर बल देता।
मुनि स्कूल अब आदिवासी क्षेत्र के युवाओं को बेहतरीन शिक्षा देने के लिए मुनि मैथॉलॉजी अध्रारित स्कूलों की स्थापना के लिए कदम बढ़ाएगा।

आदिवासी क्षेत्र में मुनि स्कूल ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी

आदिवासी क्षेत्र में भारत विकास संगम द्वारा आयोजित पालघर के जव्हार शहर में हुए 151 कन्याओं के सामुहिक विवाह में शामिल हुए दिल्ली के मुनि इंटरनेशनल स्कूल ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *